लैप्स जीवन बीमा पॉलिसी को दोबारा शुरू करने का मौका – LIC

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Covid-19 महामारी और लॉकडाउन से जोखिम बढ़ाने के साथ लोगो की कमाई पर भी बुरा असर पड़ा है। ऐसे में कई बीमाधारक अपनी पॉलिसी का प्रीमियम भी जमा कर सकते है। बीमाधारक और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए L.I.C सहित कई कंपनीयों ने लैप्स हो चुकी पॉलिसी दोबरा शुरू करने की सुविधा दी है।

L.I.C ने इस सप्ताह की शुरुआत में नोटिफिकेशन जारी कर अपने ग्राहकों को लैप्स पॉलिसी दोबरा शुरू करने की सुविधा दी है। L.I.C के ग्राहक 10 अगस्त से 9 अक्टूबर 2020 तक लैप्स जीवन बीमा पॉलिसी फिर से शुरू कर सकते है। अमूमन जीवन बीमा उत्पादों को पॉलिसी प्रीमियम चूकने के पांच साल के भीतर दोबरा शरू की जा सकती है। बीमा कंपनी Term insurance सहित कुछ जोखिम वाली पॉलिसी को छोड़ बाकी पर विलंब शुल्क में भी छूट देती है। कोई भी बीमा पॉलिसी प्रीमियम जमा करने की तिथि के 30 के ग्रेस पीरियड के बाद लैप्स हो जाती है। सामान्य तौर पर बीमा कंपनीयों दो साल के भीतर इससे दोबरा सुरु करने की सुविधा देती है। इसके लिए बीमाधारक को ब्याज अथवा जुर्माने का भुगतान करना पड़ता है.

LIC Term बीमा में कड़े प्रावधान

मैक्स लाइफ insurance के अनुसार, जोखिम कवर करने वाले टर्म बीमा प्लान को लैप्स होने के बाद दोबारा शुरू करना काफी जटिल काम है। अगर आप ने ग्रेस पीरियड बीतने के बाद भी प्रीमियम नही जमा किया जाता है तो पूर्व में जमा प्रीमियम के साथ तय लाभ भी गंवाना पड़ सकता है।लैप्स होने के तीन महीने तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां उपलब्ध कराकर टर्म प्लान दोबारा शुरू कर सकते है। छह महीने का समय बीत गया है तो बीमाधारक को पूरा स्वास्थ्य चेकउप कराना पड़ेगा, जो कंपनी के निर्धारित मानको पर होगा।

ULIP (Unit Linked Insurance Plane) दोबारा शुरू कराने के लिए दो साल का समय

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) की लैप्स हो चुकी पॉलिसी को दो साल के भीतर शुरू करा सकते है। अगर इस प्लान का प्रीमियम शुरुआती पांच साल के भीतर नही जमा किया गयाहै तो 90 दिन बाद बीमा पॉलिसी लैप्स घोषित हो जाएगी। इसे दोबारा शुरू करने पे Discontinue चार्ज देना पड़ेगा जो अधिकतम 6 हज़ार रुपए होगा। हालांकि, लॉक-इन पीरियड यानी पांच साल की अवधि के बाद पॉलिसी लैप्स होती है तो कंपनीयां बिना Discontinue चार्ज छोड़ सकती है। पारंपरिक बीमा प्लान में पेड़अप से पहले प्रीमियम लैप्स होता है तो ग्राहक को जमा किए गए प्रीमियम से हाथ धोना पड़ सकता है। पेडअप सुविधा दो से तीन साल बाद शुरू होती है.

Ankush Kumar (मैं) BankKiKhabar और Sabkuchhsikho के संस्थापक और लेखक हैं। वह बैंकिंग और वित्त में विशेषज्ञ हैं। वह लखनऊ में प्राइवेट कॉलेज से B.Com (बैंकिंग एंड फाइनेंस) की पढ़ाई करते हैं।

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