आरबीआई ने उद्योगों के कर्ज पुनर्गठन को दी मंजूरी, स्टार्टअप को भी आसानी से मिलेगा लोन

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एमपीसी बैंठक…अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए कई उपायों की घोषणा, पर्सनल लोन पर भी मिलेगी सुविधा

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए बृहस्पतिवार को कई अहम फैसले किए। समिति ने पूंजी संकट में घिरी कंपनियों व एमएसएमई के कर्ज पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। स्टार्टअप को भी प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (पीएसएल) में शामिल किया है। बैंक अब इन्हें आसानी से कर्ज देंगे। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कर्ज पुनर्गठन आरबीआई के 7 जून, 2019 को जारी रूपरेखा के अनुरूप होगा। यह सुविधा 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी। बैंक 31 दिसंबर 2020 तक इस्तेमाल कर सकेंगे। कर्ज को बिना एनपीए किए पुनर्गठन करने के लि बैंकों को 10% से ज्यादा प्रोविजनिंग करनी होगी। पर्सनल लोन लेने वालों को भी सुविधा मिलेगी। फैसले के बाद बैंकों को 180 दिनों के भीतर पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कॉरपोरेट या एमएसएमई के मानक श्रेणी वाले खातों को ही लाभ मिलेगा। इनका 1 मार्च, 2020 तक 30 दिन से ज्यादा डिफॉल्ट नहीं होना चाहिए। पुनर्गठन के मापदंड तय करने के लिए ब्रिक्स बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामत की अगुवाई में विशेषज्ञ समिति बनेगी। वहीं, स्टार्टअप को आसानी से लोन दिलाने के लिए तरजीही क्षेत्र में शामिल किया है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए कर्ज की लिमिट बढ़ाने के साथ छोटे-सीमांत किसानों को ज्यादा कर्ज बांटने का भी लक्ष्य है।

रियल एस्टेट को उबारने के लिए 10 हजार करोड़

महामारी में पूंजी संकट से जूझ रहे रियल एस्टेट क्षेत्र को उबारने के लिए आरबीआई ने 10 हजार करोड़ की अतिरिक्त विशेष पूंजी (एएसएलएफ) दी है। इसमें 5 हजार करोड़ राष्ट्रीय आवासीय बैंक (एनएचबी) को मिलेंगे जो आवासीय ऋण कंपनियों (एचएफसी) के जरिये रियल एस्टेट क्षेत्र को पूंजी देंगे। शेष 5 हजार करोड़ नाबार्ड को मिलेंगे जो संकट में फंसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को मदद करेगा। एनबीएफसी भी हाउसिंग क्षेत्र को कर्ज देगा। दोनों ही संस्थानों को यह राशि 4% के नीतिगत ब्याज पर मिलेगी।

बैंक में बढ़ेगी पूंजी तरलता डेट फंड में निवेश आसान

बैंकों को दिन के अंत में आरबीआई के पास आने चालू खाते में बैलेंस प्रबंधन का ज्यादा अधिकार मिलेगा। इसके लिए वैकल्पिक सुविधा शुरू की जाएगी और बैंक अपनी राशि खुद तय कर सकेंगे बैंकों द्वारा डेट म्यूचुअल फंड और ईटीएफ में निवेश के एवज में रखी जानी वाली जोखिम पूंजी (रिस्क कैपिटल) को भी घटा दिया है। आरबीआई ने कहा, विभिन्न उपायों से अर्थव्यवस्था में 5 लाख करोड़ की अतिरिक्त नकदी आई और बैंकों ने 17 महीने में खुदरा कर्ज 1.62% तक सस्ता किया।

बिना इंटरनेट कार्ड से भुगतान की सुविधा

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मोबाइल कार्ड से ऑफलाइन भुगतान सुविधा लाएंगे। इससे उपभोक्ता उन क्षे‌‌त्रो में भी डिजिटल भुगतान कर सकेंगे जहां इंटरनेट नही है। फिलहाल इसमें से 2000 रुपए तक भुगतान किया जा सकेगा। आरबीआई ने कहा है कि इसके दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे ।

बैंकिंग में सुधार को बनेगा इनोवेशन हब

वितीत्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने और कुशल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक इनोवेशन हब बनाएगा । इसमें नियामकीय दायरो के भीतर बेहतर बैंकिंग प्रबंधन पर जोर रहेगा। हब शोध के जरिये नई क्षमताओं को विकसित करने का केन्द्र होगा जो आपात समय मे उद्योग व उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर काम करेगा।

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